यमुनोत्री धाम और हेमकुंड साहिब में अभी तक रोप वे का निर्माण शुरू नहीं होने पर सरकार कड़े कदम उठाने जा रही है

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: चार साल का वक्फा गुजर गया, लेकिन यमुनोत्री धाम और हेमकुंड साहिब में अभी तक रोप वे का रत्तीभर भी निर्माण शुरू नहीं हो पाया। ऐसे में अब मौजूदा सरकार कड़े कदम उठाने जा रही है। इस क्रम में वह रोप-वे निर्माण को नियुक्त दोनों कंपनियों को हटाने के साथ ही उन पर जुर्माना लगाने जा रही है। यही नहीं, आपसी सहमति के आधार पर इन कंपनियों की जमानत राशि लौटाने पर भी विचार कर रही है, ताकि इस मसले को लेकर अदालत की शरण लेने की कोई गुंजाइश न रहे। पर्यटन सचिव मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक दोनों रोप वे की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि बदलाव की जरूरत पडऩे इसे किया जा सके।

यमुनोत्री धाम और हेमकुंड साहिब में अभी तक रोप वे का निर्माण शुरू नहीं होने पर सरकार कड़े कदम उठाने जा रही है

यमुनोत्री धाम और हेमकुंड साहिब में अभी तक रोप वे का निर्माण शुरू नहीं होने पर सरकार कड़े कदम उठाने जा रही है

यात्रियों की सुविधा को देखते हुए पिछली सरकार के कार्यकाल में तीन साल पहले हेमकुंड साहिब और चार साल पहले यमुनोत्री धाम में अलग-अलग कंपनियों को रोप वे निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था। इन कंपनियों ने वहां अब तक निर्माण के नाम पर एक पत्थर तक नहीं लगाया है। मौजूदा सरकार ने इसकी पड़ताल कराई तो ये बात सामने आई। इसके अलावा केदारनाथ में भी रोप वे प्रस्तावित किया गया था।

अब सरकार हेमकुंड व यमुनोत्री रोप वे के लिए नए सिरे से कसरत करने जा रही है। पर्यटन सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि दोनों कंपनियों को हटाया जा रहा है और इन पर कुछ जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन कंपनियों की ओर जमानत राशि की मांग की गई है। इसे देखते हुए ऐसा तरीका निकाला जा रहा कि इनकी जमानत राशि जब्त न हो। सुंदरम के मुताबिक दोनों रोप वे के लिए जल्द ही नए सिरे से टेंडर किए जाएंगे। यमुनोत्री रोप-वे से खरसाली और जानकी चट्टी को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के तहत केदारनाथ के लिए रोप वे का निर्माण कराए जाने की तैयारी है। इसके लिए कसरत तेजी से चल रही है।

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