कुमाऊं विश्वविद्यालय ने स्‍मार्ट सिटी बनाने का तरीका ढूंढ निकाला है

राजनीतिक दलों के झगड़े में भले ही उत्‍तराखंड के विकास प्रभावित होते हों, लेकिन कुमाऊं विश्वविद्यालय ने स्‍मार्ट सिटी बनाने का तरीका ढूंढ निकाला है.

कुमाऊं विश्वविद्यालय ने स्‍मार्ट सिटी बनाने का तरीका ढूंढ निकाला है

कुमाऊं विश्वविद्यालय ने स्‍मार्ट सिटी बनाने का तरीका ढूंढ निकाला है

यहां के शोधकर्ताओं का दावा है कि उनके द्वारा बनाए गए स्मार्ट सिटी में स्वच्छता और शिक्षा पर भी जोर दिया जाएगा. देहरादून, हरिद्वार समेत राज्य के कई शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने पर चल रही सियासत के बीच विश्‍वविद्यालय ने एक प्रेरणा का उदाहरण पेश किया है.

विश्वविद्यालय इस बात का अध्ययन करेगा की उत्‍तराखंड में किन जगहों को स्मार्ट सिटी के दायरे में लाया जा सकता है. इसके लिए कुमाऊं विश्वविद्यालय ने कसरत तो शुरू कर दी है. अब तक 7 से 10 शहरों को स्मार्ट सिटी से जोड़ने का खाका तैयार करने की योजना भी बना ली है.

कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति एचएस धामी ने बताया कि इसके लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार ने देश के अन्य विश्वविद्यालयों के साथ कुमाऊं विश्वविद्यालय को चुना है, जिसने आठ जिलों में काम भी शुरू कर दिया है..
सिर्फ स्मार्ट सिटी ही नहीं बल्कि कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल स्वच्छता मिशन को भी आगे बढ़ाने का काम करेगा. इसके लिए विश्वविद्यालय छात्रों को ना सिर्फ जागरूक करेगा, बल्कि स्वच्छता शिक्षा का पाठ्यक्रम जारी करेगा. यूजीसी के सहयोग से चलने वाले इस स्वच्छता शिक्षा के जरिए नए छात्रों में शोध के साथ समाज में भी स्वच्छ भारत मिशन को नई दिशा देने का काम करेगा.

बहरहाल, राज्य में स्मार्ट सिटी बनने की उम्मीद कुमाऊं विश्वविद्यालय ने फिर जगा दी है. इसके लिए कवायद तो शुरू हो ही गई है, लेकिन देखना ये होगा की स्मार्ट सियासत से स्मार्ट शिक्षा की ओर बढ़े इस कदम का क्या नतीजा निकलेगा.

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